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Thursday, February 12, 2015

डिलवरी आसानी से हो सकती है, यदि पुराने नुस्‍खों को ठीक से प्रयोग किया जाए।


डिलीवरी के समय और बाद की समस्‍याएं


डिलीवरी आसानी से हो...


१ * बथुआ के दस ग्राम बीज को ५०० ग्राम पानी में अच्‍छी तरह औटाएं, जब पानी आधा रह जाए तो उतार कर छान लें और प्रसूता को पिलाएं। इससे प्रसव पीड़ा में आराम मिलता है व बच्‍चा आसानी से हो जाता है।

२ * नीम की जड़ को कमर में बांधने से प्रसव तुरंत हो जाता है।

३ * २०० मि.ली. पानी में ५० ग्राम हरे या सूखे आंवलों को उबाल लें। जब अस्‍सी मि.ली. पानी शेष रह जाए, तो इसे आंच पर से उतार लें। ठंडा होने पर इस पानी में शहद मिलाकर समय – समय पर गर्भवती महिला को पिलाते रहें। इससे डिलीवरी बिना किसी कष्‍ट के हो जाती है।

४* अमलतास के छिलकों के ५ ग्राम चूर्णं को दो सौ ग्राम पानी में अच्‍छी तरह औटाकर उसे छान लें। फिर शक्‍कर मिलाकर गर्भवती स्‍त्री को पिला दें। इससे प्रसव पीड़ा में आराम मिलता है।

५ – मकोय की जड़ पीसकर नाभि के नीचे लेप करने से गर्भ आसानी से बाहर आ जाता है।


प्रसूता का बढ़ा हुआ पेट


१ * पीपरी का चूर्णं बना कर रख लें और ४ – ५ ग्राम रोज सेवन करने से प्रसूता का बढ़ा हुआ पेट संकुचित हो जाता है।

२ * आंवला और हल्‍दी समान मात्रा में लेकर पहले हल्‍दी भून लें। फिर दोनों का चूर्णं बनाकर मिला लें। इसे ५ – ५ ग्राम सुबह शाम कुछ दिन खाने से पेट सिकुड़कर सामान्‍य अवस्‍था में आ जाता है।

३ * त्रिफला, सेंधा नमक, त्रिकटु बराबर मात्रा में लेकर चूर्णं बनाकर रख लें। इसे ५ ग्राम की मात्रा में छह महीने तक नियमित रूप से लेने से पेट की चर्बी दूर होती है।


मेनोपॉज


१ * खाने में बंदगोभी, फलीदार सब्जियां व दालों का प्रयोग करना अच्‍छा होता है।

२ * मेनोपॉज के दौरान फाइटो एस्‍ट्रोजन लेना शुरू कर दें। फाइटो एस्‍ट्रोजन हमें मिलता है, सोया से, सोयाबीन के पनीर से, सोया मिल्‍क से, सोया आटा से तथा सोयाबीन की बडि़यों से।


प्रसव के बाद मोटापा


१ * एक चम्‍मच शहद एक गलास पानी में मिलाकर रोज सुबह पीने से मोटापा कम होता है।

२ * प्रसव के ४५ दिन बाद रोज सुबह पीपलामूल का चूर्णं २ ग्राम मठठे में घोलकर पिएं। आपको लाभ होगा।

३ * पारिजात के पत्‍ते व चित्रकमूल का क्‍वाथ बनाकर सेवन करने से मोटापा दूर होता है। इसके अलावा खाने में जौ, पुराना चावल, कुलथी, अरहर, मूंग, आंवला, परवल, छाछ शहद आदि का उपयोग। मोटापा दूर करने में सहायक होता है।


४ * हींग, त्रिकटु, जीरा, सेंधा नमक, चित्रक और चव्‍य इन्‍हें बराबर मात्रा में लेकर चूर्णं बना लें। फिर इसे ५ ग्राम की मात्रा में सत्‍तू के साथ मिलाकर पीने से डिलीवरी के बाद का मोटापा कम होता है।

(सभी चित्र गूगल सर्च से साभार)